विद्यालय स्वच्छता एवं स्वास्थ्य शिक्षा

  1. अवधारणा
  2. लक्ष्य
  3. उद्देश्य
  4. रणनीति
  5. मुख्य हस्तक्षेप
  6. गतिविधियों का क्रम - विद्यालय स्तर पर
  7. अनुश्रवण एवं मूल्यांकन
  8. विद्यालयों में जल एवं स्वच्छता सुविधाओं की उपलब्धियॉ

  1. अवधारणा
    • प्रत्येक बच्चों के कुछ मौलिक अधिकार हैं। इनमें विद्यालय-शौचालय, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरा परिवेश, दोस्ताना माहौल और स्वच्छता व स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान प्राप्त करना मुख्य है। मॉग का सृजन, जल स्वच्छता व सुविधाओं को प्रदान करना इस संदर्भ में पहला कदम है।
    • शुद्ध जल एवं स्वच्छता सुविधाओं, जैसे शौचालय, मूत्रालय की सुविधाएँ खुशगवार वातावरण के निर्माण की पहली सीढ़ी है।
    • स्वच्छता सुविधाओं का स्पष्ट प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य और नामांकन, वर्ग में ठहराव और उपलब्धि (ज्ञान हासिल करने) पर पड़ता है।
  2. लक्ष्य
    • स्कूली बच्चों के लिए, विशेष रूप से लड़कियों के लिए बेहतर एवं स्वस्थ माहौल का निर्माण करना
    • जीवन-कौशल का विकास करना
    • लड़कियों के नामांकन में वृद्धि करना एवं वर्ग में उनके ठहराव को सुनिश्चित करना

     

  3.  उद्देश्य
    • विद्यालय के शिक्षक और बच्चों में स्वच्छता संबंधी जागरूकता और माँग का सृजन करना।
    • एक स्वस्थ माहौल बनाना जो लड़कियों को विद्यालय में ठहरने में सहायक हो
    • बच्चों में स्थायी रूप से स्वच्छता संबंधी आदतों में बदलाव लाना।
    • बेहतर स्वास्थ्य एवं स्वच्छ माहौल बहाल करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का समुचित एवं सटीक इस्तेमाल को बढ़ावा देना।
    • बच्चों के अधिकार दिलाने के लिए बेहतर परिवेश का निर्माण करना। अभिप्राय है कि बच्चों के परवरिश, सुरक्षा, व्यक्तित्व विकास, निर्णय लेने में साझेदारी जैसी चीजों में उनके अधिकार को दिलाने का प्रयास करना।

  4. रणनीति
    • क्षमता निर्माण एवं संस्थागत सुदृढ़ीकरण
    • विभिन्न विभागों के बीच संयोजन
    • बच्चे स्वच्छता संबंधी आदतों को सीखें और इनके अनुश्रवण के तरीके जाने
    • समुदाय की साझेदारी एवं इनका स्वामित्व बोध
    • समुचित एवं चिरस्थायी जल एवं स्वच्छता संबंधी सुविधाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करना
    • नई खोजों के लिए जागृति बढाना
  5. मुख्य हस्तक्षेप
    • प्रत्येक स्तर पर क्षमता निर्माण
    • संस्थागत सुदृढ़ीकरण
    • प्रभावशाली स्वच्छता शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य/स्वच्छता बहाल करने के लिए प्रयास
    • प्रभावशाली IEC ( I=सूचना, E=शिक्षा, C=संचार की सामग्री जैसे लक्ष्मणरेखा एवं सामाजिक जागृति )
    • चिरस्थायी जल एवं स्वच्छता सुविधाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करना
    • विद्यालय प्रांगण में स्वच्छ वातावरण
    • विद्यालय में स्वास्थ्य जाँच और आवश्यकता पड़ने पर बेहतर डॉक्टर से दिखाने हेतु अनुशंसा की सुविधा
    • बच्चों की जरूरत के अनुकूल माहौल का निर्माण
    • अनुश्रवण एवं मूल्यांकन
    • सीखना और प्राप्त ज्ञान का आपस में आदान-प्रदान करना
  6. गतिविधियों का क्रम - विद्यालय स्तर पर
    • शिक्षकों के प्रशिक्षण
    • विद्यालय शिक्षा समिती का उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण
    • जल एवं स्वच्छता योजना का निर्माण और संसाधन का उपयोग और कार्यान्वयन
    • विद्यार्थियों का प्रशिक्षण
    • जल एवं स्वच्छता सुविधाओं की उपलब्धता
    • वर्गकक्ष शिक्षण एवं IEC सामग्री का उपयोग
    • स्वास्थ्य एवं स्वच्छता गतिविधियों को बढ़ावा देना
    • विद्यालय में अनुश्रवण और स्वच्छता संबंधी सिस्टम में सुधार लाना।
    • स्वास्थ्य जाँच और अनुशंसा की व्यवस्था।

      बच्चे निम्न गतिविधियों में सहायता करें या शामिल हों:
       
    • सुविधाओं के स्थान निर्धारण में
    • सुविधाओं के रख-रखाव में
    • बच्चे से बच्चे के अनुश्रवण में सहायता
    • घर में और पास पडोस में स्वच्छता को बढावा देने में
    • खेल और प्रतियोगिता
    • प्रार्थना और सभा
    • अनुश्रवण
    • उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य को कायम रखने में
    • नियमित और समुचित रूप से सुविधाओं के इस्तेमाल में

      विद्यालयी बच्चों के अनुकूल द्रष्टिकोण :
       
    • विद्यालयों में बच्चों की जरूरतों के अनुरूप जल एवं स्वच्छता सुविधायें उपलब्ध कराना जो पर्यावरण-मित्र भी हों
    • विद्यालय में सुरक्षित, स्वच्छ, खुला हुआ अनुकूल वातावरण बहाल करना
    • स्वास्थ्य जॉच एवं अनुशंसा
    • कठोर दंड का कोई प्रावधान न हो
    • खेलने के लिए मैदान और इसके लिये आवश्यक सामग्री
    • बेहतर छात्र/शिक्षक अनुपात
    • आनन्द पूर्वक सीखने का माहौल
    • बोलता वर्ग कक्ष एवं आकर्षक शिक्षण अधिगम सामग्री
       

  7.  अनुश्रवण एवं मूल्यांकन
    • बच्चों के द्वारा अपने से अनुश्रवण
    • नियमित रूप से विद्यालय शिक्षा समिति एवं माता समिति की बैठक
    • नियमित बाल सांसद की बैठक
    • मासिक प्रतिवेदन
    • पाक्षिक समीक्षा मीटिंग
    • जिला एवं प्रखण्ड स्तर पर मासिक समन्वयन मीटिंग
    • शिक्षा अधिकारी द्वारा भ्रमण
    • सावधिक (समय-समय पर ) मूल्यांकन
  8. विद्यालयों में जल एवं स्वच्छता सुविधाओं की उपलब्धियॉ:
    • विद्यालय में शौचालय की स्थिति:


       
    • विद्यालय में पेयजल की स्थिति: